जालना सोमवार, ३० सितंबर २०२४
गौमाता को कटने से बचाने का बडा फैसला :- भूषण पारस नंद यादव
प्रतिनिधि/जालना: राज्य की एकनाथ शिंदे सरकार द्वारा गाय को राज्य माता-गौमाता का दर्जा दिए जाने के निर्णय को अहीर गवली समाज ने स्वागत व योग्य बडा निर्णय निरुपित किया है. गवली समाज अहीर बुक अप्प के निमाता व यादव अहीर युवा मंच के सचिव भूषण पारस नंद यादव ने निर्णय से गौमाता के कटने पर अंकुश लगने की बात भी कहा कि, कृषि, पशुसंवर्धन और दुग्ध व्यवसाय विकास विभाग द्वारा रोज चारे के प्रति गाय के अनुदान का निर्णय भी स्वागत योग्य एवं क्रांतिकारी है. गायों को पशुसंवर्धन व दुग्ध व्यवसाय विकास मंत्रालय के उपसचिव निवृत्ति मराले ने शासनादेश जारी किया है. जिसके अंतर्गत मराठवाडा विभाग की देवनी, लालगंधारी, पश्चिम महाराष्ट्र की खिल्लार, उत्तर महाराष्ट्र की डांगी एवं विदर्भ की गवलाऊ देसी गायों को राज्यमाता गौमाता घोषित किया गया है. इन दिनों गायों की संख्या दिनोदिन तेजी से घट रही थी. सरकार की ओर से रोज ५० रुपए चारे के भी मिलेंगे

* गाय दूध अत्यंत पौष्टिक व अमुर्त है
देंगे. गौमाता कटने से बच जाएगी, यह गवली समाज के लिए बडी बात है. समाज का नाम ही गाय पाल से है. * इन गार्यो का संवर्धन सरकारी अध्यादेश में कहा गया कि, देशज गायों का दूध मानवी आहार में अत्यंत पौष्टिक और मूल्यवान है. मानव शरीर के पोषण हेतु गाय के दूध में महत्वपूर्ण अन्नघटक रहने से वह पूर्ण अन्न है. देशज गायों के दूध का आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में भी पंचगव्य के उपयोग होता है. सेंद्रीय खेती पद्धति के लिए देशज गायों का गोधन एवं गौमूत्र का महत्व है. भूषण पारस नंद यादव ने उपरोक्त निर्णय के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, दोनों उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व अजीत पवार एवं गौसेवा आयोग के राज्य अध्यक्ष शेखर मूंधडा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है. उल्लेखनीय है कि,




